महिलाओं के आरक्षण से संबंधित यह समाचार नौकरीयों को लेकर नहीं पंचायती राज
को लेकर है। जी हां, केंद्र सरकार पंचायतों में महिलाओं का आरक्षण बढ़ाकर
50 प्रतिशत करने पर जोर दे रही है और इसके लिए संसद के आगामी बजट सत्र
में संशोधनों पर सहमति बनाने की कौशिश करेगी। इसके साथ महिला उम्मीदवारों
के लिए वार्ड में आरक्षण वर्तमान के एक कार्यकाल को बढ़ाकर दो कार्यकाल
करने पर विचार कर रही है।
महिला उम्मीदवारों को बढ़ावा देने की कोशिश
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने इस मामले में कहा है कि इस समय पंचायत चुनावों में वार्ड महिला उम्मीदवारों के लिए पांच साल के लिए आरक्षित होते हैं। सरकार इसे बढ़ाकर दो कार्यकाल करने की योजना बना रही है ताकि महिला उम्मीदवारों को सार्वजनिक कायों के लिए उत्साहित किया जाए और उनके नेतृत्व को भी मजबूत किया जा सके। उन्होंने पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के प्रस्तावित सांवैधानिक संशोधन को लेकर कहा, 'हमें आगामी बजट सत्र में संशोधन पेश करेंगे।
विधवा पैंशन में भी बदलाव
संविधान में किए गए 73वें संशोधन के मुताबिक, पंचायती राज संस्थाओं में
महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिल रहा है। केंद्र सरकार विधवा पेंशन के लिए
उम्र सीमा को लेकर भी विचार कर रही है। अब तक के नियमों के मुताबिक, 40 साल
से ऊपर की विधवा महिलाएं पेशन के योग्य हैं। इसे कम करने का विचार है।



